वोटबैंक की पॉलिटिक्स में इंसान की नीयत और जज्बात दोनों पर हावी हो जाती हैं. ऐसे ही राजनीतिक बर्ताव को लेकर लिखा गया है. जब हम भाषा के आधार पर फर्क करते हैं, तो हम केवल शब्दों का अपमान नहीं करते, बल्कि उस व्यक्ति की पूरी विरासत और संस्कृति को 'दोयम दर्जे' का घोषित कर देते हैं.
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