Karnataka High Court verdict: हाई कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में कहा कि प्राथमिकी एससी/एसटी समुदाय के किसी सदस्य द्वारा दर्ज नहीं कराई गई थी और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि छात्रों ने जानबूझकर दलित समुदाय के सदस्यों को अपमानित या धमकाने की कोशिश की थी.
from Zee News Hindi: India News https://ift.tt/UFk7YwC
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
आखिर तुकाराम मुंढे जैसे ईमानदार अफसरों से क्यों डरती है हमारी भ्रष्ट व्यवस्था? 21 साल में 25 ट्रांसफर! अच्छे काम को क्यों नहीं मिलती शाबासी<br> https://ift.tt/Z2A1VFG
Who is Tukaram Mundhe? हमारे देश की भ्रष्ट व्यवस्था आखिर तुकाराम मुंढ़े जैसे ईमानदार अफसरों से क्यों डरती है? वे जनहित में बढ़िया काम करते ह...
-
पटना, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में रविवार की शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। अंतिम दिन चुना...
-
क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश आईएसआई का गढ़ बन गया है? ये सवाल इसलिए मौजू है क्योंकि इससे पहले DNA में हमने आपको दिखाया था कि कैसे भारत में रहने...
-
PM Modi News: बिहार में पिछले साल विधानसभा चुनावों का ऐलान होने से पहले कांग्रेस-आरजेडी के संयुक्त मंच से पीएम मोदी की स्वर्गीय माता जी के ल...
No comments:
Post a Comment