Karnataka High Court verdict: हाई कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में कहा कि प्राथमिकी एससी/एसटी समुदाय के किसी सदस्य द्वारा दर्ज नहीं कराई गई थी और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि छात्रों ने जानबूझकर दलित समुदाय के सदस्यों को अपमानित या धमकाने की कोशिश की थी.
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