पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिस संजीदगी और विनम्रता से भारतीय राजनीति में अपनी अलग जगह बनाई, आचरण की उस विरासत को देश के नेता सिंह के निधन के बाद दो दिन भी संभालकर नहीं रख पाए. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर करवाये जाने से राजनीतिक विवाद उठ खड़ा हुआ है.
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