Delhi news: मंत्री जयशंकर के मुताबिक वह एक विदेश सेवा अधिकारी बनना चाहते थे और ऐसा सोचते हुए उनके सामने पिता का अक्स बन जाता था. जयशंकर ने बताया कि उनके पिता डॉ. के सुब्रमण्यम ने अपने करियर की शुरुआत 1979 में जनता सरकार से शुरू की थी. जयशंकर के पिता का 2011 में निधन हो गया था और वह अपने बेटे को सचिव बनते हुए नहीं देख सके थे.
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