साल 2021 में जाति आधारित जनगणना पर केंद्र सरकार ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दायर कर कहा है कि पिछड़ी जातियों की गणना (Census of Backward Classes) प्रशासकीय दृष्टिकोण से कठिन है.
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