बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने दफ्तरों में होने वाले यौन उत्पीड़न (Sex Harreshment on Workplace) से जुड़े मामलों में बड़ा अहम आदेश जारी किया है. इसके तहत अब कोई भी पक्ष, वकील या गवाह मीडिया को अदालत के आदेश या किसी अन्य फाइलिंग के विवरण की जानकारी नहीं दे सकेंगे.
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