अमेरिका खुद को दुनिया में लोकतंत्र और मानव अधिकारों का चैम्पियन बताता है और अपनी इसी छवि को मजबूत करने के लिए उसने कई देशों में युद्ध लड़े और अपनी सेना को वहां भेजा. लेकिन इनमें ये किसी भी संघर्ष से उसे कुछ हासिल नहीं हुआ.
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