न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति रविंद्र भट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि केंद्र को हॉस्पिटल में दाखिले के लिए राष्ट्रीय नीति बनानी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि स्थानीय निवास प्रमाण पत्र नहीं होने के आधार पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करने से इनकार नहीं किया जा सकता.
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