मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज के दूसरे लोगों की तरह अनुसूचित जाति के लोगों को भी कब्रिस्तान या विश्राम घाट तक पहुंचने के लिए बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए. लेकिन, इस खबर से पता चलता है कि उनके पास अच्छी सड़क तक नहीं है.
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